बहुत समय पहले, एक छोटे गाँव में दीपक नाम का बच्चा रहता था।
दीपक हमेशा सवाल करता था, “हम क्यों पढ़ते हैं? हम क्यों मेहनत करते हैं?”
एक दिन गाँव के पास एक गहरी गुफा के बारे में सुना। लोग कहते थे कि कोई भी जो वहाँ गया, वापस नहीं आया।
दीपक ने सोचा — “अगर मैं वहाँ जाऊँ और सुरक्षित बाहर निकलूँ, तो मैं सीखूँगा कि डर पर कैसे काबू पाया जाता है।”
वह गुफा में गया। अंदर घना अंधेरा था।
हर कदम पर डर लगता, लेकिन दीपक ने अपने पास एक छोटा तेल का दीपक जलाया।
जैसे-जैसे दीपक आगे बढ़ा, उसे रास्ता दिखा।
कुछ जगह रास्ता बहुत संकरा और खतरनाक था।
दीपक गिरा, चोट लगी, पर उसने दीपक की रोशनी और अपने हौसले पर भरोसा किया।
आखिरकार उसने गुफा का अंत पाया — वहाँ एक छोटा लेकिन सुंदर झरना और चमत्कारिक रोशनी थी।
दीपक ने महसूस किया —
“अगर मैं डर कर बैठ जाता, तो यह खूबसूरत दृश्य मैं कभी न देख पाता।
मेहनत, साहस और छोटा दीपक — यही मेरी सफलता की चाबी है।”
जब वह बाहर आया, तो सब लोग हैरान थे।
दीपक ने सबको बताया —
“छोटा दीपक, यानी मेरा हौसला, और मेरी मेहनत, मुझे अंधेरे में भी रास्ता दिखा सकते हैं।
छोटा कदम, बड़ा हौसला, यही असली जीत है।”
शिक्षा:
- साहस छोटे कदम से शुरू होता है।
- छोटी रोशनी भी अंधेरे को हर सकती है — जैसे ज्ञान और मेहनत।
- डर से भागना नहीं, बल्कि उसे सामना करना सीखना ही असली सफलता है।