कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जिसे अंग्रेज़ी में Artificial Intelligence (AI) कहा जाता है, आज के आधुनिक युग की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक है। इसका अर्थ है — ऐसी मशीनें या कंप्यूटर सिस्टम जो इंसानों की तरह सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता रखते हैं। साधारण शब्दों में कहा जाए तो यह “सोचने वाली मशीनें” हैं, जिन्हें इंसानों ने बनाया है।
हमारे रोज़मर्रा के जीवन में AI का इस्तेमाल कई जगहों पर हो रहा है। जब हम अपने मोबाइल में Google Assistant या Siri से बात करते हैं, तो वह हमारी आवाज़ पहचानकर जवाब देती है — यह भी AI का ही कमाल है। YouTube, Instagram और Netflix जैसे प्लेटफॉर्म पर हमें जो वीडियो या पोस्ट पसंद आते हैं, उनके आधार पर जो नई चीजें दिखाई जाती हैं, वह भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के ज़रिए तय होता है।
AI का उपयोग सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है। अब यह शिक्षा, चिकित्सा, खेती, बैंकिंग, और यातायात जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रहा है। डॉक्टर अब AI की मदद से बीमारियों की पहचान पहले से बेहतर तरीके से कर पा रहे हैं। किसान फसल की जानकारी और मौसम का पूर्वानुमान लेने में इसका उपयोग कर रहे हैं।
हालांकि, इसके कुछ नुकसान भी हैं। अगर मशीनें बहुत ज़्यादा समझदार हो गईं तो कई नौकरियाँ खत्म हो सकती हैं। इसलिए ज़रूरी है कि हम AI का उपयोग समझदारी से करें — ताकि यह इंसानों के काम को आसान बनाए, न कि उन्हें बदल दे।
कुल मिलाकर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज के युग की वह तकनीक है जो हमारे भविष्य को आकार दे रही है। अगर इसे सही दिशा में प्रयोग किया जाए, तो यह मानव जीवन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और उन्नत बना सकती है।