परिचय
ध्वनि वह तरंग है जो वस्तुओं के कंपन (vibrations) के कारण उत्पन्न होती है और हवा, पानी या ठोस माध्यम से यात्रा करती है। यह हमारी सुनने की इन्द्रियों के लिए प्रतिध्वनि (echo) और संगीत का माध्यम बनती है।
ध्वनि की विशेषताएँ (Characteristics of Sound)
- Amplitude (आयाम) – ध्वनि की तीव्रता (loudness) ध्वनि तरंग के आयाम पर निर्भर करती है।
- Frequency (आवृत्ति) – प्रति सेकंड कंपन की संख्या, जो ध्वनि की ऊँचाई (pitch) निर्धारित करती है।
- Wavelength (तरंगदैर्घ्य) – एक पूर्ण तरंग की लंबाई।
- Speed (गति) – माध्यम के प्रकार पर निर्भर करती है।
ध्वनि की गति (Speed of Sound)
ध्वनि की गति अलग-अलग माध्यमों में भिन्न होती है:
| माध्यम | ध्वनि की गति (m/s) |
|---|---|
| वायु (Air, 20°C) | 343 |
| पानी (Water) | 1482 |
| लोहा (Iron) | 5120 |
ध्वनि का फैलाव (Propagation of Sound)
ध्वनि केवल माध्यम से फैलती है। – हवा में फैलने पर हवा के कणों की कंपन से ध्वनि आगे बढ़ती है। – निर्वात (vacuum) में ध्वनि नहीं फैलती।
ध्वनि के प्रकार (Types of Sound)
- संगीतमय ध्वनि (Musical Sound) – नियमित कंपन वाली ध्वनि।
- असंगीतमय ध्वनि (Noise) – अनियमित कंपन वाली ध्वनि।
महत्वपूर्ण सूत्र (Important Formulas)
- Speed of Sound: v = f × λ जहाँ, v = गति, f = आवृत्ति, λ = तरंगदैर्घ्य
- Time, Distance Relation: d = v × t
- Echo: समय = 2 × दूरी / गति
उदाहरण (Examples)
1. अगर किसी ध्वनि की आवृत्ति 500 Hz है और उसकी तरंगदैर्घ्य 0.68 m है, तो उसकी गति ज्ञात कीजिए।
हल: v = f × λ = 500 × 0.68 = 340 m/s
2. एक पर्वत की दूरी पर स्थित किसी वस्तु से 2 सेकंड बाद प्रतिध्वनि सुनाई देती है। यदि ध्वनि की गति 340 m/s है, तो पर्वत की दूरी ज्ञात कीजिए।
हल: दूरी = (v × समय)/2 = (340 × 2)/2 = 340 m
रियल लाइफ अनुप्रयोग (Applications)
- सोनार (SONAR) – पानी के नीचे वस्तुओं की दूरी मापन
- इको और अल्ट्रासाउंड – चिकित्सा में अंगों की जांच
- संगीत व वाद्ययंत्र
- संपर्क साधन – रेडियो, टेलीविजन और फोन में ध्वनि संकेत
सारांश
ध्वनि एक अनिवार्य प्राकृतिक घटना है, जिसका अध्ययन हमें तरंगों, गति, आवृत्ति और वास्तविक जीवन के कई अनुप्रयोगों को समझने में मदद करता है।